हरीश राजगुरु @hbraj.de1c1 Sep 2020
यहाँ भारत में, व्यक्ति के एकीकृत प्रगति को हासिल के विचार से, हम स्वयं से पहले शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा की चौगुनी आवश्यकताओं की पूर्ति का आदर्श रखते हैं - पंडित दीन दयाल उपाध्याय #पंडित_दीनदयाल_जयंती