हरीश राजगुरु @hbraj.de1c1 Aug 2020
मुझे पता है कि मेरे अकेले शोर मचाने से हिंदुत्व और सोए हुए हिन्दू नहीं जागने वाले लेकिन मन में एक उमंग भरी है कि आखिर बूंद बूँद से ही सागर भरता है।