इसे कहते हैं दोगलापन..
कंगना रनौत ने मुंबई सरकार की आलोचना क्या कर दिया, उद्धव सरकार "कंगना रनौत" का "ऑफिस" गिराने जा रही है..
अगर यही काम "मोदी सरकार" ने तापसी पन्नू, सोनम कपूर और "स्वरा भास्कर" के साथ किया होता तो इतनी चूड़ियां फूटती की चूड़ियों के खनक से कोरोना भी मर जाता.!