देशी गाय का घी
1. कब होता है हानिकारक?
2. क्वालिटी
3. शुद्धता की पहचान
सुरभि गौशाला
देशी गाय का घी कब होता है हानिकारक?
1. यदि देशी गाय का घी कच्चे दूध की क्रीम (बटर) से बनाया गया है तो वह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सभी डेरियाँ इसी तरह से घी बनाती हैं। वास्तव में वह घी है ही नहीं, वह तो बटर ऑइल है।
2. यदि देशी गाय को इंजेक्शन लगाकर दूध निकाला जाता है तो उससे बना घी भी हानिकारक होता है।
3. दुखी देशी गाय का घी भी हानिकारक होता है। गाय के बछड़े को दूध न पिलाकर उसके हिस्से का दूध भी निकालने पर गाय दुखी रहती है।
4. दूध की मलाई से बना घी भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। जिन घरों में फ़्रिज़ है, उन 100% घरों में घी इसी गलत विधि से बनता है।
सुधार : देशी गाय के दही की मलाई से घी बनाइये।
5. जिस देशी गाय के घी को बनाने में एल्युमिनियम के बर्तन का उपयोग किया जाता है। वह भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
देशी गाय के घी की क्वालिटी
सर्वश्रेष्ठ A
श्रेष्ठ B
मध्यम C
1. चरना (चलना)
A हरे भरे गोचर या जंगल में 3-4 घंटे चरकर सैंकड़ों वनस्पतियाँ, जड़ी-बूटियाँ खानेवाली गाय का घी
B खेतों में 3-4 घंटे चरकर विविध घास खानेवाली गाय का घी
C गोशाला में रहनेवाली और मिलनेवाला चारा-दाना खानेवाली गाय का घी
2. ईंधन
A गोबर के कंडों पर गर्म किये दूध से बना घी
B गोबर गैस पर गर्म किये दूध से बना घी
C गैस के चूल्हे पर गर्म किये दूध से बना घी
3. बर्तन
A लोहे की कढ़ाई में गर्म दूध
B पीतल की कढ़ाई में गर्म दूध
C स्टील के बर्तन में गर्म दूध
4. मंथन
A हाथ से मथकर बनाया घी
B दोनों ओर घूमनेवाली मशीन से बिलोकर बनाया घी
C एक ही ओर घूमनेवाली मशीन से मथकर बनाया घी
5. समय
A दूध निकालने के बाद 48 मिनिट में ही चूल्हे पर रख दिये गये दूध व मक्खन को भी 48 मिनिट में ही तपाने से बना घी
B 2 घण्टे में
C 2 घण्टे के बाद
A विधि से बना घी : 24 कैरेट का सोना
A-B विधि से बना घी : 21 कैरेट का सोना
B-C विधि से बना घी : 18 कैरेट का सोना
C विधि से बना घी : 14 कैरेट का सोना
A विधि से बना घी हृदय रोगी, कैंसर के रोगी, लकवे के रोगी, पार्किंसन के रोगी, मोटापे के रोगी, अत्यंत कमजोर रोगी, जीर्ण रोगी (chronic patient), अत्यंत दुखी, घायल, जच्चा, नवविवाहित दम्पत्ति के लिए अमृत के समान ही है। समर्थ गोसेवकों को प्रतिदिन इसी का सेवन करना चाहिए। छोटे बच्चे जिन्हें देशी गाय का ताजा मक्खन न मिले, उन्हें यही घी खिलाया जाय। 'गो-सुषमा' केंद्र आपको इस प्रकार का घी उपलब्ध करा सकता है।
देशी गाय के घी की शुद्धता की पहचान
1. Energy test से 5 सेकंड में ही असली-नकली, शुद्ध-मिलावटी का पता चल जाता है। केवल देशी गाय के शुद्ध घी में ही +ve energy होती है। अन्य सभी घी में -ve energy होती है। मैंने बहुत बार इसका practical demonstration दिया है।
2. शुद्ध घी का रूप-रंग, स्वाद हर बार बदल जाता है। जैसे; वर्षा में हरा घास खाने पर घी अधिक पीला होगा, गर्मियों में सूखा घास खाने पर कम पीला।
3. देशी गाय का घी कड़क ठंड में जमने पर भी चम्मच से आसानी से निकल जाता है। भैंस का घी चम्मच से आसानी से नहीं निकलता।
4. देशी गाय के शुद्ध घी को तेज धूप में या गर्मी में रखने से उसका पीलापन खत्म हो जाता है।