Omkar Bharat 🌿🇮🇳😀💢💐 @nexa.ho2 Nov 2020
"यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत । अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्"। हे अर्जुन!जब -जब परमधर्म परमात्मा के लिए ह्रदय ग्लानि से भर जाता है,जब अधर्म की वृद्धि से भाविक पार पाते नहीं देखता,तब मैं आत्मा को रचने लगता हूँ ।