आरंभ
×
@nexa.ho2

किए भृंग बहुरंग बिहंगा। गुंजहिं कूजहिं पवन प्रसंगा॥
सुर प्रतिमा खंभन गढ़ि काढ़ीं। मंगल द्रब्य लिएँ सब ठाढ़ीं॥

🌸 🌷 🌹 🌺 🌼

भौंरे और बहुत रंगों के पक्षी बनाए, जो हवा के सहारे गूँजते और कूजते थे। खंभों पर देवताओं की मूर्तियाँ गढ़कर निकालीं, जो सब मंगल द्रव्य लिए खड़ी थीं॥

~जय_श्री_राम 🙏

 टिप्पणियाँ 0
 बढ़िया 4
 लहरायें 1
 पसंदीदा 0




प्रयोग करें (Login)
~परिचर्चा से जुड़ें
@मित्र आमंत्रित करें

Get it on Google Play