डॉ.पूनम घई @poona.ceb54 Dec 2020
हर किसी के भीतर एक गीत सोता है जो इसी का प्रतीक्षमान होता है कि कोई उसे छूकर जगा दे ●●● सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय"