नमस्कार जी !
मै दो साल से लगातार स्वदेशी पर ही अध्ययन कर रहा हूँ और राजीव भाई के व्याख्यानों से बहुत कुछ सीखा है हमने
हम चाहते है कि हमसब मिलकर उनके सपनो का भारत बनाये यही उस पुण्य आत्मा के लिए सच्ची श्रधांजलि होगी
भाई श्री राजीव जी -शत - शत नमन
जय भारत