Sushil Kumar Chaudhary @rajve.321bf Aug 2021
अब ना मैं हूँ ना बाकी हैं ज़माने मेरे, फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे। ज़िन्दगी है तो नए खुशियों के मेले भी लग जाएंगे, अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।