कोविड की दूसरी लहर के बाद भारत का पर्यटन उद्योग एक अलग तरह के प्रतिस्पर्धा से गुजर रहा है ।
अब भारतीय पर्यटक कुछ हद तक विलाज , होम स्टे की तरफ रुझान हो रहा है जो निसंदेह एक सुखद स्वरुप हो सकता है लेकिन ये होटल के लिए कहीं न कहीं एक मुश्किल कम्पटीशन देने की तैयारी है ।
कुछ वैसे ही है जैसे आज कल होटल्स के पास ऑफलाइन ( परम्परागत टूर ऑपरेटर ) + ऑनलाइन + फ्री लाउंसर + वाक इन का बिज़नेस आ रहा है । ऑफलाइन टूर ऑपरेटर का एक बड़ा शेयर फ्री लांसर ले जा रहे है कारण बहुत सारे लोग इस महामारी में बेरोजगार हो गए थे और वो अब डोमेस्टिक मार्किट को निसंदेह एक बड़ा शेयर दे रहे है ।
अब ये सही है या गलत इसका निर्णय भविष्य करेगा अभी तो सब खुद को बचाने की कोशिश कर रहे है ।
जैसे होटल को लगता होगा की होम स्टे वाले बिना किसी बंदिश के सब कुछ कर सकते है , पूल भी चल सकता है और भी कुछ ऐसे सुविधाएं जो कोविड प्रोटोकॉल के कारण वो नहीं दे सकते लेकिन होम स्टे दे सकते है ।
टैक्स का भी कहीं न कहीं फायदा इनको मिलता है लेकिन होटल को बहुत सारी फॉर्मलिटीज से गुजरना पड़ता है कुछ वैसे ही परेशानियों से ट्रेवल एजेंसीज भी जूझ रही है जिन्हे GST से ले के टी डी एस तक के पचड़े में पड़ता है और फिर लिया दिया प्रॉफिट बाकि जरूरतों को पूरा करने में खतम हो जाता है ।
खैर जुटे रहिये खुद को बचा लीजिये बाकि नियामक तो बाद में भी तय हो जायेंगे।