आरंभ
×

रजिव जि मेरे आदर्श हे.. मे उन्का सप्ना पुरा कर्ना चह्ता हु. उन्होने बतये हुए रास्ते पर चल्ना चह्ता हु. और मुझे वर्ल्द त्रेद ओर्गनिसतिओन कि अग्रिमेन्त कि कोपि चहिए मिल सक्ति हे अगर मिल सक्ति हे तो भुक्तन केसे करु. क्रुपिया बतए. ७६९८८६०१५१

 टिप्पणियाँ 0
 बढ़िया 0
 लहरायें 0
 पसंदीदा 0




प्रयोग करें (Login)
~परिचर्चा से जुड़ें
@मित्र आमंत्रित करें

Get it on Google Play