-->झोरौना से कुल मौत :- 2.7लाख
(Worldometer)
-->पहले लॉकडाउन के बाद से पिछले एक साल में गरीबी स्तर:- 23करोड़(Azim Premji University Report)
-->लॉकडाउन के कारण पिछले एक महीने में बेरोजगारी:- 70-75लाख
मार्च में गरीबी स्तर 6.5% था जो की अप्रैल में बड़ कर 8% हो गया।(Times of India)
-->भारत की 14% जनसंख्या कुपोषित है।
(Tribune India)
यह तो पिछले कई सालों से चलते आ रहे है, WHO इन्हे कब पैंडेमिक घोषित करेगा?
पर हमे क्या लेना? जब तक जेब में पैसा, खाने को रोटी और सर पर छत है हम लोगो को कोई दिक्कत नही है, जब हमारे ऊपर यह स्तिथि आएगी तक देख लेंगे। अभी तो लॉकडाउन के मजे लूटेंगे।