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@s.par.195d3

पिछले कुछ सालों में ऐसा कई बार सुनने कोई आया होगा कि होम्योपैथिक दावा किसी व्यक्ति की मृत्यु हो गई या इसके साइड इफेक्ट से कोई बीमार हो गया।
पहली बात --->होम्योपैथिक दवा से किसी की मृत्यु होने कि संभावना ना के बराबर होती है, अगर दवाई सही तरीके से ना बनाई गई हो तो संभावना 0.001% होती है, जो कि बहुत कम ही देखा जाता है।
दूसरी बात --->ऐसी खबरें अधिकतर विदेश से ही क्यों आती है। भारत में क्यों कोई ऐसा मामला सामने नहीं आया। विदेश में एलोपैथी का ज़ोर ज़्यादा है इसीलिए वह होम्योपैथी को बदनाम करने की कोशिश करते है।
तीसरी बात --->अगर होम्योपैथी दावा से कोई मर भी रहा है तो उनकी संख्या एलोपैथी दवाइयों से मरने वालो के सामने ना मात्र है। क्योंकि होम्योपैथी हमेशा से आयुर्वेदिक सिद्धांतो पर काम करता आ रहा है और इन औषधियों में एलोपैथी दवाईयो की तरह ज़हर मिला कर नहीं बेचते।
चोथी बात --->होम्योपैथी में एलोपैथी की तरह लोगो पर प्रयोग नहीं किया जाता। जैसे एलोपैथी वाले इतने सालो से अपनी दवाई का प्रयोग हम इंसानी पर करते है CoronaVirus जैसे जूठी बीमारियां लाकर। होम्योपैथिक दवा पिछले सैकड़ों वर्ष पहले ही साबित जो गई थी इसीलिए होम्योपैथी कि ऐसा नीच काम करने की ज़रूरत नहीं है।
धन्यवाद
https://chiro.org/LINKS/FULL/Death_By_Medicine.html

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