जब हम अंग्रेजो के गुलाम थे अंग्रेज भारत को इण्डिया कहते थे ।
आज देश आजाद है मैकाले के मानसपुत्र भारत को इण्डिया बोलते है ।
सत्य कहा था 1835 में मैकाले ने भारतवासी शक्ल से भारतीय होंगे परन्तु अक्ल से अंग्रेज होंगे ।
कैसी ये आजादी कैसा ये जनतंत्र आजादी के बाद भी जनता है परतंत्र ।
मानशिक गुलामी शारीरिक गुलामी से ज्यादा खतरनाक है ।