देसी गाय के गोबर का महत्व:-
मित्रों मई का महीना चल रहा है ओर भारत के मैदानी एवं पठारी इलाको मे दिन का तापमान 40 ℃ पार कर चुका है। यह कोई असामान्य बात नहीं है, आए साल ऐसा होता आया है ओर होता रहेगा बल्कि वैश्विक तपन के कारण इस मे बढोतरी की ही संभावना है। आधुनिक घर व अन्य बिल्डिंग जो सीमेंट, पक्की ईंट एवं लोहे के सरिये से बने हैं, वो अब दिन मे गरमी सोखने लगेंगे ओर रात को उसे छोड़ेंगे। यानि ना दिन मे चैन ओर ना रात को आराम।
क्या किया जाए?
मित्रो जवाब है देशी गाय का गोबर। जी हाँ, इस के गोबर पर ध्यान से देखने पर आपको अति सूक्षम चमकीली झिल्ली नजर आएगी। यह झिल्ली कुछ ओर नहीं बल्कि वो बचे हुये एंजाइम (प्रोटीन) ओर आंतो के अंदर का मुकोजा हैं जो गोबर के साथ बाहर आ जाता है। ये प्रोटीन एवं गोबर के अंदर पाए जाने वाले रेसे (सेल्यूलोज) उष्मा रोधक का कार्य करते हैं। अतः आपके मकान व बिल्डिंग को ठंडा रखने मे मदद करता है। मकान ठंडा रहेगा तो स्वभाविक है कि बिजली का बिल कम आएगा।
अन्य कारणों के साथ साथ यह भी एक प्रमुख कारण था कि विदेशी कंपनियों व विदेशी ज्ञान के मकड़जाल मे उलझने से पहले हम सब गाय के गोबर से लिपे घरों मे रहते थे। हमन इसे पुनः पहचान लिया है ओर समय कि मांग को देखते हुये अब इस के प्रचार प्रसार मे लगे हैं।
हमने देशी गाय के गोबर को मिला कर एक अत्याधुनिक प्लास्टर वैदिक प्लास्टर बनाया है जो गर्मी रोकने के साथ-साथ अन्य बहुत लाभ देता है। अतः आप से निवेदन है कि अगर आप या आपका कोई जानकर, रिश्तेदार या पड़ोसी नया मकान या कोई ओर बिल्डिंग बना रहा है तो प्लास्टर गाय का गोबर मिश्रित वैदिक प्लास्टर ही करें। खास बात ये भी है कि इस प्लास्टर के करने कै बाद तराई भी नहीं करनी होती, लूणी (शौरा) नहीं लगता, प्राकृतिक वायु शोधक है तथा हानिकारक कीटाणु , जीवाणू एवं विकिरणों से आप की रक्षा करता है। सोने पर सुहागा की दिखने मे अत्याधुनिक है। आप अपना कोई भी मनपसंद पेंट इस पर करा सकते हैं। ओर अगर पुराने मकान या बिल्डिंग मे करवाना चाहते हैं तो आप को दीवारों की सतह खुरदरी करानी पड़ेगी।