आज महान क्रांतिकारी बंता सिंह जी का बलिदान दिवस है। इनका जन्म 1890 में जालंधर जिले के संघोवाल गाँव में हुआ।इनके पिता बूटा सिंह बहुत धनी आदमी थे। बंता सिंह मेट्रिक करते ही कनाडा गए वहां ये देश की आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे लोगों से मिले और ग़दर पार्टी के लिए काम करने लगे।1912 में भारत लौटे और आज़ादी के काम में जुट गए।
इनके घर बड़े बड़े क्रांतिकारी आते जाते थे जैसे करतार सिंह सराभा, रास बिहारी बोस जी हरनाम सिंह आदि। इन्होनें सरकारी आदमियों को लूटना और रेलवे लाइनों ,और सरकारी टेलेफोन की तारों को काटने का काम करना शुरु कर दिया।पुलिस इनके पीछे पड़ गई, ये तो हाथ नही आये लेकिन पुलिस इनके भाई और सम्बन्धियों को पकड़ ले गई और उनको 14 साल के लिए जेल में डाल दिया। इनको पकडवाने के लिए नकद इनाम और जमीन के मुरब्बे देने का एलान किया गया। इनके ही एक गद्दार रिश्तेदार ने इनको पकडवा दिया । hअंग्रेजों ने इनको 12 अगस्त 1915 को लाहोर जेल में फांसी दे दी । कोटि कोटि नमन महान वीर बंता सिंह जी को !