गौ मूत्र के उपयोग :-
- खांसी दमा, जुकाम आदि विकारों में गौ मूत्र सीधा ही प्रयोग में लाने से तुरंत आराम मिल जाता हैं।
- जोड़ों के दर्द में दर्द वाले स्थान पर गौ मूत्र का सेंक करें। सर्दी में एक ग्राम सौंठ के चूर्ण के साथ गौ मूत्र का सेवन करें।
- मोटापा दूर करने के लिए आधे ताजे पानी में चार चम्मच गौ मूत्र, दो चम्मच शहद तथा एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर नियमित सेवन करें।
- पेट में कीड़े होने पर चार चम्मच गौ मूत्र के साथ ग् चम्मच अजवायन का चूर्ण सेवन करें।
- उच्च रक्त चाप के रोगियों के चाहिए कि 1/4 प्याले में गौ मूत्र में एक चौथाई चम्मच फूली हुई फिटकरी डालकर सेवन करें।
- गैस की शिकायत होने पर प्रात:काल आधे कप गौ मूत्र में नमक तथा नींबू का रस मिलाकर पीना चाहिए।
गौ मूत्र में सावधानियां :-
- देशी गाय का गौ मूत्र ही प्रयोग में लेवें।
- गौ मूत्र को फ्रिज में नहीं रखें।
- गाय गर्भवती व रोग ग्रस्त न हो बिना ब्याही एक वर्ष से बड़ी बछिया का मूत्र अच्छा रहता हैं।
- पीने हेतु गौ मूत्र को 8/10 बार छानकर उपयोग करें।
- गौ मूत्र धर्मानुमोदित, प्राकृतिक, सहजता से प्राप्त होने वाला हानि रहित कल्याणकारी एवं आरोग्य रक्षक रसायन हैं।