आरंभ
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जिसके साथ खून का सम्बन्ध नहीं होता, फिर भी प्रिय लगे..
*वह है👬दोस्त*

जिसके साथ दुनियां भर की बातें करके भी थकान ना लगे ....
*वह है👬दोस्त*

जिसके साथ छोटी सी बात पर भी खुल कर हंस लेते हैं...
*वह है👬दोस्त*

जिसके कंधे पर माथा रख कर रो सकते हैं ....
*वह है👬दोस्त*

जिसके साथ ठंडी चाय भी एक दम गरम लगे ....
*वह है👬दोस्त*

जिसके साथ खिचड़ी भी खाने में दावत जैसी लगे....
*वह है👬दोस्त*

जिसको आधी रात को भी उठा कर दिल की बात कर सके....
*वह है👬दोस्त*

जिसके साथ बिताए गए पलों को याद करने भर से, चहरे पर मुस्कान आ जाए.......
*वह है👬दोस्त*

जिसके साथ कोई भूमिका बनाए बिना खुल कर बात करें और वह स्वीकार करे .....
*वह है👬दोस्त*

एक अरसे के बाद भी जिसको मिलते ही दिल झूमउठे....
*वह है👬दोस्त*

दूर रहते हुए भी जिसके साथ दिल के तार जुड़े हो.....
*वह है👬दोस्त*

दोस्ती वो है मेरे दोस्त जो बेजान जिंदगी में भी जान डाल दे..
*वह है👬दोस्त*

*संक्षेप में दोस्त वो है जो हर मुसीबत में हर तरह से साथ निभाये*

*👬 दोस्तों को समर्पित 👬*

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