ओडिशा प्रांत में ईसाई मिशनरियों के धर्मान्तरण के खेल को रोकने और वनवासी बंधुओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने वाले स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती एक समर्पित कार्यकर्ता और महायोद्धा थे ~StopConversionKilling
हिमालय से साधना करके जब स्वामी लक्ष्मणानंद लौटे तो आध्यात्मिकता के साथ हिंदुत्व के मूल्यों की रक्षा और हिन्दू धर्म की रक्षा का भाव और अधिक जागृत होने लगा | ~StopConversionKilling
मिशनरियों के षड्यंत्रों का भंडाफोड़ किया, जिस कारण स्वामीजी न केवल मिशनरियों के निशाने पर रहे बल्कि राज्य व केंद्र सरकारें भी उनके बढ़ते प्रभाव और वनवासी बंधुओं के बीच बढ़ती पैठ से चिंतित होने लगे I ~StopConversionKilling
स्वामी लक्ष्मणानंद ने वनवासी कल्याण आश्रम के माध्यम से ओडिशा के वनवासी क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं को साक्षर बनाने के साथ बालिका शिक्षा पर भी जोर दिया | ~StopConversionKilling
स्वामी लक्ष्मणानंद जी ने वनवासियों के अभाव और गरीबी का लाभ उठाकर उन्हें प्रलोभन से ईसाई बनाये जाने के मिशनरियों के षड्यंत्रों का भंडाफोड़ किया | | ~StopConversionKilling
1970 में स्वामी लक्ष्मणानंद ने वनवासियों के कल्याण कार्यों के माध्यम से समाजसेवा शुरू की, इस क्षेत्र में हिन्दू वनवासी उन्हें मसीहा मानते थे | ~StopConversionKilling
स्वामी लक्ष्मणानंद जी ने वंचित व पिछड़े वनवासी समाज के खानपान और सम्मान से लेकर उनके स्वास्थ्य और चिकित्सा की चिंता की और सरकारों को इनकी सांस्कृतिक पहचान और देशप्रेम की भावना का मान रखते हुए अधिकारों की मांग की | ~StopConversionKilling
ओडिशा प्रांत में ईसाई मिशनरियों के धर्मान्तरण के खेल को रोकने और वनवासी बंधुओं के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने वाले स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती एक समर्पित कार्यकर्ता और महायोद्धा थे #StopConversionKilling