त्रिफला चूर्ण से काया कल्प
1:2:4 अनुपात से त्रिफला चूर्ण के लिये हरड़ पीली, बहेड़ा छिलका, आंवला स्वच्छ एवं गुठली रहित विधि द्वारा निर्मित त्रिफला चूर्ण, त्रि दोष नाशक अमृत तुल्य रसायन है। जितनी आयु उतने रत्ती चूर्ण प्रातः काल खाली पेट ताजे जल के साथ 12 वर्ष तक सेवन करें। उसके बाद एक घंटे तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए।
भारतवर्ष में छः ऋतुएँ एक वर्ष में अपना चक्र पूरा करती हैं, अतः प्रत्येक ऋतु के अनुसार त्रिफला चूर्ण में अधोलिखित पदार्थों का मिश्रण करना चाहिए।
1 बसन्त ऋतु 14 मार्च से 13 मई शहद के साथ अवलेह बना कर सेवन करें।
2 ग्रीष्म ऋतु 14 मई से 13 जुलाई 1/4 भाग गुड़ के साथ ।
3 वर्षा ऋतु 14 जुलाई से 13 सितंबर 1/8 भाग सेंधा नमक के साथ।
4 शरद ऋतु 14 सितंबर से 13 नवम्बर 1/6 भाग देशी खांड अथवा बूरा मिला कर ।
5 हेमंत ऋतु 14 नवम्बर से 13 जनवरी 1/8 भाग सोंठ मिला कर
6 शिशिर ऋतु 14 जनवरी से 13 मार्च 1/8 भाग पीपल चूर्ण मिला कर।
अति महत्वपूर्ण
काया कल्प करने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति, धैर्य, सात्त्विक आहार, विलासता से दूर दृढ़ संकल्प के साथ सयंमित जीवन शैली एवम आध्यात्मिक वातावरण में सर्वे भवन्तु सुखिनः की भावना आवश्यक है।
डॉ कौशल भारद्वाज
आनंदातीत योग साधना केंद्र, गाँधी नगर दिल्ली 110031