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@kaush.478cf
आरोग्य पथ
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सदस्यता Sep, 2020
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बाज और बटेर की कहानी
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कर्ण से इंद्र ने दान मांगा
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जितना सुख तू चाहता उतना सुख तू त्याग
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सिंह आसन थाइरोइड, गले के विकार एवं डर में रहने वाले लोगो के लिए लाभकरी  #yog
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वृक्क (Kidney) ठीक रखने के लिए योग एवं भोजन
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दातों का उपचार
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षटकर्म धोती क्रिया
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सुत नीति - जल नीति के लाभ
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बुखार कैसे ठीक करें
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बवासीर का इलाज कैसे करें
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कब्ज एवम उदर विकार
सामग्री
छोटी हरड़ 250 ग्राम
अजवान। 100 ग्राम
हीग। 10 ग्राम
कला एवं सेंधा नमक 20 ग्राम
विधि। छोटी हरड़ को साफ करके शुद्ध घी अथवा अरण्ड के तेल में तल लें अजवाइन को हल्का सा भून लें हींग को भी शुद्ध घी में तल लें। अब सभी सामग्री मिला कर कूट लें अथवा मिक्सी मैं पीस लें, और छान लें ।
एक छोटा चम्मच गर्म जल के साथ सेवन करें लगभग दो तीन घंटे बाद पेट साफ हो जायेगा लगभग 80 प्रतिशत रोग जो उदर दूषित होने के कारण होते हैं उन सभी का समाधान इस...

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असली नकली की पहचान कैसे करें
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काकी मुद्रा, उद्यान बंद, अजगरी मुद्रा, मूलबंद, जलंदर बंद इत्यादि : डा कौशल भरद्वाज जी
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त्रिफला चूर्ण से काया कल्प
1:2:4 अनुपात से त्रिफला चूर्ण के लिये हरड़ पीली, बहेड़ा छिलका, आंवला स्वच्छ एवं गुठली रहित विधि द्वारा निर्मित त्रिफला चूर्ण, त्रि दोष नाशक अमृत तुल्य रसायन है। जितनी आयु उतने रत्ती चूर्ण प्रातः काल खाली पेट ताजे जल के साथ 12 वर्ष तक सेवन करें। उसके बाद एक घंटे तक कुछ भी नहीं खाना चाहिए।
भारतवर्ष में छः ऋतुएँ एक वर्ष में अपना चक्र पूरा करती हैं, अतः प्रत्येक ऋतु के अनुसार त्रिफला चूर्ण में अधोलिखित पदार्थों का मिश्रण करना चाहिए।

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@kaush.478cf

दैनिक जीवन में आहार कैसा हो:-

खावे अन्न विचार कै। खोटा खरा सम्भार।।
जैसा ही मन होता है। तैसाही करें आहार।।

सूक्ष्म चिकना हल्का खावै। चौथा भाग छोड़कर कर पावै।।
वानप्रस्त कै हो सन्यासै। भौजन सोलह ग्रासे ग्रासा।।

अरुगृहस्त बत्तीस गिरासा। आवै नींद न बहते स्वासा।।
ब्रह्मचारी भोजन करै इतना। पठन मह वीरज रहे जितना।।

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