आरंभ
×
@kaush.478cf

दैनिक जीवन में आहार कैसा हो:-

खावे अन्न विचार कै। खोटा खरा सम्भार।।
जैसा ही मन होता है। तैसाही करें आहार।।

सूक्ष्म चिकना हल्का खावै। चौथा भाग छोड़कर कर पावै।।
वानप्रस्त कै हो सन्यासै। भौजन सोलह ग्रासे ग्रासा।।

अरुगृहस्त बत्तीस गिरासा। आवै नींद न बहते स्वासा।।
ब्रह्मचारी भोजन करै इतना। पठन मह वीरज रहे जितना।।

 टिप्पणियाँ 0
 बढ़िया 3
 लहरायें 2
 पसंदीदा 2




प्रयोग करें (Login)
~परिचर्चा से जुड़ें
@मित्र आमंत्रित करें

Get it on Google Play