दैनिक जीवन में आहार कैसा हो:-
खावे अन्न विचार कै। खोटा खरा सम्भार।।
जैसा ही मन होता है। तैसाही करें आहार।।
सूक्ष्म चिकना हल्का खावै। चौथा भाग छोड़कर कर पावै।।
वानप्रस्त कै हो सन्यासै। भौजन सोलह ग्रासे ग्रासा।।
अरुगृहस्त बत्तीस गिरासा। आवै नींद न बहते स्वासा।।
ब्रह्मचारी भोजन करै इतना। पठन मह वीरज रहे जितना।।