धन नहीं आया तो क्या हुआ ??? जन्मों तक इसके पीछे भागा हूं और मान मर्यादा ,प्रसिद्धि पाई भी है , लेकिन मिला क्या वही अंधेरे कायम हैं। अबकी बार परम पुण्य फल उदय हुआ है ना जाने कौन सा कि शुद्ध धर्म मिला ,सत्य धर्म, प्राकर्तिक धर्म, अब जन्मों की दौड़ ,भटकन को जैसे किनारा मिला, अब परवाह नहीं क्या मिलता है और क्या नहीं? सत्य पथ, जी होगा बेहतर ही होगा विश्वास कायम है। मंगल प्रभात।